Click to Download this video!

सुनहरे बालों वाली आइटम मेरे लंड के नीचे

Sunahre baalon wali item mere lund ke niche:

antarvasna, hindi sex kahani

मेरा नाम सोहन है। मैं बेंगलुरु का रहने वाला हूं। मैं एक अच्छे घर से ताल्लुक रखता हूं और मेरे पिताजी का काफी बड़ा बिजनेस है। मैं अभी एमबीए की पढ़ाई पूरी कर के विदेश से लौटा हूं। मैं जब विदेश से लौटा तो मुझे बेंगलुरु में रहने का बिल्कुल मन नहीं था लेकिन मेरे पापा मुझे कहने लगे कि बेटा अब तुम्हें यहीं आगे का काम संभालना है और तुम अपनी जिम्मेदारियों को जितना जल्दी समझोगे उतना तुम्हारे लिए अच्छा रहेगा। मेरी भी अब उम्र होने लगी है और मैं अब बूढा होने लगा हूं। जब उन्होंने उस दिन मुझसे यह बात कही तो मुझे भी एहसास हुआ कि मुझे अब उनके काम को संभालना चाहिए इसलिए मैं थोड़ा बहुत उनसे काम सीखने लगा क्योंकि मुझे उनके काम का ज्यादा तजुर्बा नहीं है पर फिर भी मुझसे जितना हो सकता मैं उनके साथ उतना समय बिताता था। मुझे बचपन से कभी कोई कमी नहीं रही।  मेरा जीवन बहुत ही अच्छे से बिता था और अब भी मेरा जीवन बहुत अच्छे से बीत रहा है।

हमारे घर में नौकर चाकर हैं मुझे जब भी कोई जरूरत पड़ती तो मेरा काम सिर्फ एक फोन करने से ही हो जाता है। मैं इतनी आलीशान जिंदगी जी रहा हूं की मुझे नॉरमल लाइफ का बिल्कुल पता नहीं था कि लोग कैसे अपनी जिंदगी को काटते हैं और कैसे अपनी जिंदगी की जद्दोजहद में लगते हैं। पर मुझे यह तब पता चला जब मेरी मुलाकात शगुन से हुई। मेरी मुलाकात भी किसी इत्तेफाक से कम नहीं है। मेरा उससे मिलना भी एक बड़ा ही अजीब किस्सा था। मैं हमेशा ही अपनी कार से अपने ऑफिस जाता था लेकिन उस दिन मैं अकेला था बाकी के दिन मेरे साथ ड्राइवर भी होते हैं पर उस दिन मैं अकेला ही था। उस दिन रास्ते में मेरी गाड़ी बंद हो गई। मैं समझ नहीं पा रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए। जब मेरी गाड़ी बंद हुई तो मैं गाड़ी से बाहर उतरा और मैंने अपने ड्राइवर को फोन कर दिया। ड्राइवर कहने लगे सर मैं अभी गाड़ी लेकर आता हूं।

वह दूसरी गाड़ी लेकर घर से निकले लेकिन उस दिन रास्ते में इतना ज्यादा ट्रैफिक था कि उनके आने का जो रास्ता था वह पूरी तरीके से ब्लॉक हो गया। वह मुझे बार-बार फोन कर रहे थे कि सर आप वहीं पर रुके रहिये। मैं वहीं पर खड़ा था लेकिन गर्मी इतनी ज्यादा हो रही थी कि मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए। फिर मैंने सोचा कि मुझे आज बस में सफर करना चाहिए। मैंने अपने बचपन में कभी बस में सफर किया था लेकिन उसके बाद मैंने कभी भी बस में सफर नहीं किया। मैं जैसे ही बस में सवार हुआ तो बस में बहुत ज्यादा भीड़ थी। उस भीड़ में तो मैं जैसे गुम ही होता जा रहा था। कोई मुझे आगे से धक्का मार रहा था तो कोई मुझे पीछे से धक्का मार रहा था और कभी किसी का पैर मेरे जूते के ऊपर होता। बस इतनी ज्यादा खचाखच भरी हुई थी कि बस में सिर्फ पसीने की महक चल रही थी। मैंने भी अपने जेब से रुमाल निकाला और अपने नाक पर रख लिया। बस अगले स्टॉप पर रुकी तो एक सुंदर सी लड़की मेरे सामने खड़ी हो गई। वह जब मेरे सामने खड़ी हुई तो मैं सिर्फ उसकी सुंदरता को देखता ही रह गया। मैंने इतनी सुंदर लड़की कभी नहीं देखी थी और यदि मैंने उससे भी ज्यादा सुंदर लड़कियां देखी भी हो पर उसे देख कर तो मेरे दिल में एक अजीब ही फीलिंग आने लगी।  वह बिल्कुल मेरे सामने खड़ी हो गई। बस में इतनी ज्यादा भीड़ थी कि मैं उससे बार-बार टकरा रहा था और एक बार तो उसने मुझे कह दिया कि क्या तुम सीधे खड़े नहीं रह सकते। मैंने उसे कहा मैं तो सही खड़ा हूं लेकिन उसे यह बात नहीं पता थी कि मैं बस में काफी समय बाद बैठा हूं और मुझे नहीं पता कि बस में इतनी ज्यादा भीड़ होती है। मैंने उसे कुछ भी नहीं कहा। मैंने सिर्फ अपने मुंह पर रुमाल लगाया हुआ था और मैं उसके बालों को देख रहा था उसके बाल सुनहरे भूरे कलर के थे। मैं जब उसे देखता तो मैं अपने दिल पर काबू नहीं रख पाया और जब वह लड़की आगे उतरी तो मेरे दिमाग में तो जैसे उसका नशा ही चढ़ गया हो। मुझे उसका नाम भी नहीं पता था और ना ही उसके बारे में कुछ ज्यादा जानकारी पता थी। मैं भी जैसे कैसे अपने ऑफिस तक पहुंच गया। मेरे पापा मुझसे कहने लगे तुमने आज बहुत लेट कर दी। मैंने पापा को कहा कि मैं आज बस से आया हूं। पापा बड़े जोर से हंसने लगे और कहने लगे क्या तुम सही कह रहे हो  की तुम बस से आए हो। मैंने उन्हें कहा आप ड्राइवर को फोन कर के पूछ लीजिए। वह कहने लगे नहीं मुझे तुम पर यकीन है।

मैंने उन्हें अपने बस का एक्सपीरियंस बताया तो वह भी हंस हंस कर लोटपोट हो गए। मैं जब उनसे बात कर रहा था तो मेरे दिमाग में सिर्फ उसी लड़की का चेहरा घूम रहा था। दोपहर के वक्त मैं अपने कैबिन में बैठा हुआ था तो मैंने अपने एक ऑफिस के व्यक्ति से कहा कि क्या तुम मुझे इस लड़की का पता बता सकते हो। वह मुझे कहने लगा सर यह तो संभव नहीं है पर फिर भी मैं कोशिश करूंगा कि आपको उसका पता मैं बता सकूं और उसका नाम भी बता सकूं। मैंने अपने मोबाइल से उसकी एक फोटो ले ली थी और मेरे पास उसके सिवा कुछ भी नहीं था। हमारे ऑफिस के उस व्यक्ति ने मुझे अगले ही दिन उसके बारे में सारी जानकारी दी। उसका नाम शगुन है और उसने मुझे उसके घर का पता भी बता दिया था। मैं जब उसके घर पर गया तो वह मुझे पहचान नहीं पाई क्योंकि उस दिन मैंने अपने मुंह पर रुमाल लगाया हुआ था। मैंने जब उसे सारी घटना के बारे में बताया तो वह मुझे कहने लगी मुझे तो बिल्कुल यकीन नहीं हो रहा  की आप इतने बड़े व्यक्ति और मेरे घर पर। मुझे बहुत खुशी हुई।

उसने मुझे बताया की नॉर्मल जिंदगी में कैसे जिया जाता है। वह लोग मिडल क्लास फैमिली से हैं और मेरा तो शगुन के प्रति जैसे लगाओ बढ़ने ही लगा था।  शगुन और मेरे बीच अच्छी दोस्ती होने लगी थी। मैंने उसे अपने ऑफिस में ही जॉब दिलवा दी थी और उसको अच्छी तनख्वाह भी मिलती थी। वह भी पहले से अपने आपको अच्छा महसूस कर रही थी क्योंकि वह जिस जगह नौकरी करती थी वहां उसे अच्छी तनख्वाह नहीं मिल रही थी। हम दोनों की अच्छी दोस्ती तो हो ही चुकी थी। जब वह मेरे कैबिन में होती तो मैं उसकी सुंदरता को निहारता रहता। एक दिन जब वह मेरे सामने बैठी हुई थी तो उसने उस दिन पिंक कलर की ड्रेस पहनी हुई थी। उसमें वह बड़ी ही सुंदर लग रही थी मैंने भी उसके हाथ को पकड़ते हुए उसे अपने दिल की बात कह दी। उसके लिए तो यह जैसे बहुत बड़ी बात थी। मैंने उसे अपनी गोदी में बैठा लिया और उसके होठों को मैं किस करने लगा। शगुन भी अपने आप को ना रोक पाई और उसने मुझे गले लगा लिया। मैंने उसके होंठों को बहुत देर तक किस किया। जब हम दोनों पूरे मूड में हो गए तो मैंने शगुन के कपड़े उतारे। और उसे अपने सोफे पर लेटा दिया। वह मेरे सोफे पर लेटी हुई थी। उसका बदन ऐसा लग रहा था जैसे वह दूध से नहाती हो। मेरे अंदर उसे लेकर और भी ज्यादा उत्तेजना बढ़ने लगी थी। मैंने उसके पूरे बदन को ऊपर से लेकर नीचे तक चाटा। जब मैं उसके बदन का रसपान कर रहा था तो मैंने जैसे ही उसकी योनि पर अपनी जीभ को लगाया तो वह मचलने लगी। मैंने भी अपने गरमा गरम लंड को जैसे ही शगुन की योनि पर सटाया तो वह कहने लगी सर आपका बहुत ही गर्म लंड है। मैंने पूरे जोश मे उसकी योनि के अंदर अपन लंड को डाल दिया। उसकी गोरी टांगों को मैंने अपने हाथों से पकड़ा हुआ था। मेरा लंड उसकी योनि के अंदर बाहर हो रहा था। पहले तो वह शर्मा रही थी लेकिन जब वह पूरे मूड में हो गई तो वह मेरा साथ देने लगी और अपने मुंह से मादक आवाज मे सिसकिंया निकालने लगी। मैंने जब उसकी योनि की तरफ देखा तो उसकी योनि से खून निकल रहा था। वह अपने मुंह से लगातर सिसकिंया निकालती। मैंने भी उसे जोरदार झटके देना शुरू कर दिया। मुझे बहुत मजा आने लगा लेकिन मैं ज्यादा समय तक उसके साथ सेक्स का आनंद नहीं ले पाया। जैसे ही मेरा वीर्य पतन होने वाला था। मैंने शगुन के ऊपर अपने वीर्य को गिरा दिया। हम दोनों ने अपने कपड़े पहन लिए। शगुन ने मुझे गले लगाया तो मैं बहुत ही खुश हो गया। उसके बाद तो उसके घर पर मेरा आना जाना हो गया।


Comments are closed.


error:

Online porn video at mobile phone


hindi kahani chudaichudai wife kimausi ki gand marichudi chutsexy chut ki hindi kahanipure hindi chudaiantarvasna full hindi storyaunty ko bathroom me chodabhabhi ki choot dekhiteacher ko jabardasti chodalund choot storymadhuri ki gaandtu jhuk main loondost ki sister ki chudaihindi m sex storynew sex story in hindi languagesasur ka mota lundchoot darshansneha ko chodasexy chut chudai kahanipani ke andar chudaichut aur gandaunty kojija sali saxhindi blue sexy movierand ki chudai ki kahanibhabhi ki chuthindi me bur chudaikamukta cummasti chudai kidesi bhabhi sexy storysaxy wapsardi me bhabhi ki chudaiAntarvasna hindi insectbaap beti ki chudai ki storydevar aur bhabhi chudaisali ki chudai kahani in hindigf ki gand marireal chudai storydost ko chodabehan ko jam ke chodamadam ki chudai kahanireal sex story in hindisexy choot ki kahanisister ki chudai dekhiindian sex stories in hindi fontsali ki chudai hindi meghar ki randiyadesi fucking auntiesloda aur chutread hindi sex stories onlinesex in chootchudai centrewap bhabhiantarvasna hind storywww hindi sexi story comek nangi ladkichudai ki kahani mummymeri chut ki seal todichunmuniya commaa ki chudai ki kahani newchodai ki kahani hindime chudaihindi marathi sex comdidi ki chaddimaa aur bete ki chudai ki kahani hindi mekunwari chutmast chudai storysexi kahniyachudai chutgand mari kahanibhama sexmy hindi sex story