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ऑफिस के बाथरूम में

office ke bathroom me:

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मेरा नाम सनी है और मैं एक  कंपनी में जॉब करता हूं। मैं नोएडा में रहता हूं और मेरा अक्सर बस से ही आना जाना होता है। क्योंकि मैं बस से जाना ही पसंद करता हूं इसलिए मैं अक्सर अपने ऑफिस बस से ही जाया करता हूं। जब मैं ऑफिस जाता हूं तो मेरे साथ में कुछ ऑफिस के एंप्लॉय भी जाते हैं। मेरा रोज का ही ऑफिस जाना बस से ही होता है। मैं सुबह 8 बजे अपने घर से अपने ऑफिस के लिए निकल जाता हूं और शाम को ही मैं ऑफिस से लौटता हूं। जिस दिन मेरी छुट्टी होती है उस दिन मैं अपने घर वालों के साथ ही समय बताता हूं, बाकी दिन मुझे वक्त नहीं मिल पाता इसलिए मैं छुट्टी के दिन ही अपने घर वालों के साथ रहता हूं। मुझे खाना बनाने का बहुत ही शौक है इसलिए मैं छुट्टी के दिन खुद ही अपने हाथ से खाना बनाता हूं और अपने घर वालों को अपने हाथ का बनाया हुआ खाना खिलाता हूं जिससे कि वह बहुत खुश होते हैं और कहते हैं कि तुम्हें एक रेस्टोरेंट खोलना चाहिए, तुम खाना बहुत ही अच्छा बनाते हो। तुम्हारे हाथों में जादू है लेकिन मैं उन्हें कहता हूं कि रेस्टोरेंट खोलने के लिए भी तो पैसा चाहिए और मेरे पास अभी इतना पैसा नहीं है।

मेरे पास जो पैसा था मैंने उसका घर ले लिया है और थोड़ी बहुत जो मेरी सेविंग थी वह भी मेरे घर में लग चुकी है इसलिए मेरे पास अब बिल्कुल भी पैसा नहीं बचा है, मैं सिर्फ नौकरी ही कर सकता हूं उसके अलावा मेरे पास और कोई रास्ता नहीं है क्योंकि मुझे हर महीने अपने घर की क़िस्त बनी होती है। मेरे पापा हमेशा मुझे कहते हैं कि तुमने समय से पहले ही अपनी जिम्मेदारियां उठा ली है अभी तुम्हारी शादी भी नहीं हुई है लेकिन तुमने शादी से पहले ही अपने लिए सब कुछ जोड़ना शुरू कर दिया है, यह तुम्हारे भविष्य में बहुत काम आएगा और तुम्हारे लिए यह बहुत ही अच्छा है। मेरे पापा हमेशा मुझे समझाते रहते हैं और कहते हैं कि तुम अपने भविष्य का बहुत ही अच्छे से ध्यान रख रहे हो और उसे सोचते हुए तुमने इतना बड़ा कदम लिया है यह बहुत ही अच्छी बात है। मेरी आधी सैलरी मेरी किस्त में ही चली जाती है लेकिन फिर भी मैं अपनी जिंदगी में खुश हूं और मेरी हमेशा एक ही दिनचर्या रहती है, सुबह अपने घर से ऑफिस जाना और शाम को अपने ऑफिस से घर लौटना। कभी मुझे समय मिल जाता है तो मैं अपने दोस्तों के साथ  दो चार शराब के पेग मार लिया करता हूं यही मेरी दिनचर्या चलती आ रही थी। मेरी जीवन में कुछ भी नया नहीं हो रहा था।

एक दिन जब मैं शाम को अपने ऑफिस से लौट रहा था तो मैंने बस स्टैंड में एक लड़की देखी, वह मुझे बहुत ही अच्छी लग रही थी। जब मैं अपने घर आया तो उस लड़की का चेहरा मेरे दिमाग में चल रहा था और मैं सोच रहा था कि वह लड़की कौन होगी और मेरी उससे अगली बार कभी मुलाकात हो पाएगी या नहीं। मैं चाहता था कि उससे मेरी मुलाकात हो जाए लेकिन उस से मेरी मुलाकात होना संभव नहीं था। मुझे नहीं लगता था की उस से मेरी मुलाकात हो भी पाएगी। जब एक दिन मैं सुबह अपने बस से ऑफिस के लिए जा रहा था तो वह लड़की भी उस दिन उसी बस में सवार हो गई और वह मेरे सामने आकर बैठ गई। मुझे यह किसी सपने से कम नहीं लग रहा था। मैं सोचने लगा कि यह तो एक चमत्कार हो गया कि मैं रात को सोच रहा था और यह सपना सच हो गया। अब मैं उस लड़की से बात करने लगा। मैंने उसे पूछा, आप क्या करती हैं। वो कहने लगी कि मैं जॉब करती हूं। मैंने उससे उसका नाम पूछा तो उसने मुझे अपना नाम बता दिया, उसका नाम सीमा है और वह भी नोएडा में ही जॉब करती है। उसने कुछ दिन पहले ही एक नये ऑफिस में जॉइन किया था और उसकी टाइमिंग भी मेरे ऑफिस के समय ही थी। वह भी अक्सर अब बस में आने लगी। वह जब भी मुझे देखती तो वह मुस्कुरा देती थी और मैं भी उसे देखकर मुस्कुरा दिया करता था। अब हम दोनों के बीच में काफी बातें होने लगी। एक दिन उसने मुझे कहा कि तुम्हारी नजर में यदि कोई अच्छी जॉब हो तो तुम मुझे बता देना। मैंने उसे कहा कि क्यों जहां तुम काम कर रही हो वहां पर क्या दिक्कत हो गयी है। वो कहने लगी कि मुझे वहां पर सैलरी कम मिल रही है इसलिए मैं सोच रही हूं कि कहीं मुझे ज्यादा सैलेरी मिले तो मैं वहां पर जॉइनिंग कर लूंगी। मैंने उससे उसका रिज्यूम ले लिया और कहा कि मैं तुम्हें बता दूंगा यदि कोई जॉब होगी तो। अब उसने मुझे अगले दिन अपना रिज्यूम दे दिया और मैंने उसके लिए अपने ऑफिस में ही जॉब के लिए बात कर ली। जब वह इंटरव्यू देने आए तो उसका सलेक्शन हो गया और अब हम दोनों एक ही ऑफिस में थे और साथ में ही जाया करते थे। उसे मेरे साथ समय बिताना अच्छा लगने लगा और मुझे भी उसके साथ समय बिताना बहुत ही अच्छा लग रहा था। हम दोनों के बीच अब काफी नजदीकियां बढ़ने लगी। हम दोनों फोन पर भी बात कर लिया करते थे और मुझे कभी किसी प्रकार की टेंशन होती तो मैं उसे फोन कर लेता और मुझे बहुत ही हल्का महसूस होता था। इसी प्रकार से सीमा को कभी कोई परेशानी होती तो वह मुझे फोन कर लिया करती थी।

एक दिन मैं बहुत ज्यादा टेंशन में था मैंने जब सीमा से बात की तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा। वह कहने लगी कि तुम आज बहुत ज्यादा टेंशन में दिखाई दे रहे हो मैंने उसे कहा कि आज मैं वाकई में बहुत ज्यादा टेंशन में हूं। मेरी कुछ पेमेंट आनी थी जो कि अभी तक आ नहीं पाई है जिसकी वजह से मुझे अपने घर की किस्त भरनी पड़ती है वह मैं टाइम पर नहीं भर पाया। वह मुझे कहने लगी कि तुम मुझसे कुछ पैसे ले लो लेकिन तुम टेंशन में मत रहो तुम इस तरीके से रहोगे तो मुझे बहुत बुरा लगता है। उसने उस दिन मेरी मदद कर दी मुझे  बहुत ही अच्छा लगा जब उसने मेरी मदद की मैं उसे गले लग गया।

जब मैं उसे गले मिला तो उसके स्तनों मुझसे टकरा रहे थे और मुझसे रहा नहीं जा रहा था। मैं उसे बाथरूम में ले गया और जब वह मेरे साथ बाथरूम में आई तो मैंने उसके स्तनों को दबाना शुरू कर दिया और उसके स्तनों को उसके कपड़ों से बाहर निकालते हुए अपने मुंह के अंदर समा लिया। वह भी अब पूरे मूड में आ चुकी थी और मैंने उसे किस करना शुरू कर दिया। मैं उसे बहुत ही अच्छे से किस कर रहा था जिससे कि उसकी उत्तेजना चरम सीमा पर पहुंच गई। हम दोनों तुरंत ही बाथरूम के अंदर घुस गए उसने तुरंत ही अपने कपड़ों को खोल लिया और मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। मैंने उसकी योनि को बहुत देर तक चाटा उसकी योनि से पानी निकलने लगा। मैंने भी अपने लंड को उसके मुंह के अंदर डाल दिया। जब मेरा लंड उसके मुंह में घुसा तो वह बहुत ही अच्छे से मेरा लंड को चूस रही थी। उसने काफी देर तक मेरे लंड को ऐसे ही चूसा जिसके बाद मैंने उसे घोड़ी बना दिया। मैने उसके चूतड़ों को पकड़ते हुए जैसे ही अपने लंड को उसकी योनि में डाला तो वह मचलने लगी। वह कहने लगी कि मुझे बड़ा दर्द हो रहा है अब मेरा लंड पूरे अंदर तक जा चुका था और उसके गले से चीख निकलने लगी। मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के मार रहा था और वह मेरा पूरा साथ दे रही थी। कुछ देर तक तो वह मादक आवाज निकलती रही लेकिन थोड़ी देर बाद वह अपने चूतड़ों को मुझसे मिलाने लगी और मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा जब वह मुझसे अपनी चतडो को मुझसे मिलाए जा रही थी। उसकी पूरी चूतड लाल हो चुकी थी और मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था जब मैं उसे धक्के मार रहा था। मैंने सीमा को इतनी तेज तेज धक्के मारे की मेरा वीर्य उसकी योनि के अंदर ही गिर गया और जब मेरा माल उसकी योनि में गिरा। वह मुझे कहने लगी कि मैं किस से साफ करूं तो मैंने उसे अपना रुमाल दिया। उसने मेरे रुमाल से अपनी योनि को साफ किया और बहुत ही अच्छे से उसने मेरे लंड को भी साफ किया। हम दोनों ने अपने कपड़े ठीक किया और हम दोनों ऑफिस में आ गए। अगले दिन मुझे सीमा ने पैसे भी दे दिए थे मैंने अपनी किस्त जमा कर दी।


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